संसार में व्यक्ति जनम लेने के बाद बचपन से युवावस्था की ओर बढते हुए विवाहित होकर अपना परिवार आगे बढाता है | इसी से संसार चलता है | अपने अपने परिवार को आगे बढ़ाते हुए हम संसार का निर्माण करते हैं |

किन्ही कारणों से कुछ लोगों को संतान का सुख नहीं मिल पाता | अपने प्रारब्ध के कारण या ग्रह गोचर के प्रभाव से व्यक्ति संतानाभाव से पीड़ित हो जाते हैं | यदि संतान न हो तो सब व्यर्थ है यही मानते हुए व्यक्ति तरह तरह के उपाय करता है फिर भी संतान नहीं हो पाती | मानव की यह आशा सदैव बनी रहती है और वह इस बात को समझ ही नहीं पाता कि जो उसके भाग्य में ही नहीं है वो उसे कैसे मिल सकता है |

यदि आप भी किसी ऐसी ही समस्या से