कुंडली में मंगल यदि पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें घर में हो तो मंगलीक योग बनता है | इन्ही स्थानों में यदि शनि भी हो तो मांगलिक योग भंग हो जाता है यानि मांगलिक योग का असर नहीं रहता |

यह तो रही सिद्धांत की बात  परंतु ऐसे भी लोग देखे गए हैं जो मंगलीक योग न होने पर भी ऐसा ही असर महसूस करते हैं | पति पत्नी में अनबन, मतभेद, कलह और नित्य झगडे होना ही मंगलीक योग नहीं है अपितु कई बार तो किसी एक की जान को भी खतरा रहता है | यदि यह सब न भी हो तो भी बहुत सी दिक्कतें दाम्पत्य जीवन में आती हैं जिनका सम्बन्ध मांगलिक योग या ऐसे ही किसी योग से होता है |

इन्ही सब तथ्यों का जन्मकुंडली से आकलन करके हम मांगलिक योग और इसकी तीव्रता का पता लगा सकते हैं ताकि सही जीवनसाथी का चुनाव किया जा सके |

यदि आप भी इस दुविधा में हैं कि पता नहीं आपका मांगलिक दोष है या नहीं तो लिख भेजिए अपना पूरा विवरण नीचे दिए कमेन्ट बोक्स में | मैं खुद आपकी कुंडली का आंकलन करके आपकी दुविधा को दूर करूंगा |