I am Ashok Prajapati an online astrologer from India.
Whatever I have learned about Indian astrology & Yantra, Tantra, Mantra from my experience, I presented to my readers. All my articles on this site are the results of my own experiences. It is my endeavor that everyone should get acquainted with basic knowledge of astrology and reason behind it to prevent the misuse of this divine scripture knowledge.  

I have read the horoscope of people not to help them but to increase my knowledge because if I don’t have the full knowledge then how I shall be able to help others?

With this object keep in my mind I researched on the placement of 9 planet’s placement in the 12th house of horoscope. In fact, you may able to get the knowledge of principles of astrology through books, you may get the basic rules, knowledge & general information of astrology through books but you can’t depend upon, rely upon any scripture or books for the prediction. The knowledge you acquire after seeing the common man’s life & their horoscope, the same you can’t get in the books. In short, it is necessary to continue research the horoscope of different people for the predictions & to resolve the astrology related questions.         

The celebrity Astrologers are not only competent enough to tell the future but they also can show you the path through which you will be able to conquer the coming difficulties & hardships. It is of no use if you are fully aware of coming hardship, problems & difficulties but you don’t know how to overcome & how to avoid the same. We can consider a good astrologer to a person who is competent to save us from the coming troubles.       

For the remedy I dont rely upon the horoscope. I believe that the remedy should be according to problems. From Gems, sub gems to Lal Kitab, astrology to Vastu, I have tried everything but the spells (Mantra) are the much effective than anything else. But the spells are neither for everyone & nor everyone can give enough time for spells. Some people thought that the things which are fixed, they will be bound to happen then why should we try to search any remedy? If you have the knowledge of Ramayana & Mahabharata then you would have read that the God Rama had worshipped the Sun by Aditya Hridya Stotra and God Krishna had directed Arjun to worship the Shakti before the war. The power of spell is great and with the help of this power we can force the Nature to work at our will.           

Tantrik objects are also used for the remedy. These days the use of Tantrik objects is increased. There are many things required in the Tantra. Some are easily available by paying the price such as Parad Shivling, Sfatik Ganesh, Rudraksh from 1 Mukhi to 14 Mukhi etc. But there are some other things used in the Tantra not easily available. These are special things used for the specific purpose. These things are Siyar Singi, Hatha Jodi, Dakshinavarti Shankh, Shvetark Ganesh, Ekanshi Nariyal etc. May be you would have hear the name of these items but same are not easily available. Finally, I want to tell you only one thing that there are possible solution of every problem and if God has created these things, must be a reason there.

 

भारतीय ज्योतिष और यंत्र तंत्र मंत्र पर पिछले ३० वर्षों के अनुभव से मैंने जो भी सीखा है उसे यथावत पाठकों के समक्ष रख दिया है | इस वेबसाइट पर प्रकाशित सभी लेख मेरे निजी अनुभवों पर आधारित हैं | मेरा प्रयास है कि हर कोई ज्योतिष के सामान्य ज्ञान से परिचित हो जाये ताकि इस दैवी ज्ञान का कोई भी दुरुपयोग न कर सके |

समय समय पर मैंने लोगों की सहायता करने के उद्देश्य से नहीं बल्कि अपने ज्ञान को बढाने के लिए जन्मकुंडलियों का अध्ययन किया | यदि स्वयं मुझे ही पूरा ज्ञान नहीं होगा तो मैं दूसरों की सहायता कैसे कर पाऊंगा ?

इसी उद्देश्य के साथ जन्मकुंडली के १२ स्थानों में बैठे ग्रहों पर अनुसंधान किया | वास्तव में किताबें पढने से केवल ज्योतिष के सिद्धांतों का पता चलता है | ज्योतिष के मूल नियम और सामान्य जानकारी किसी भी किताब से मिल जाती है परन्तु फलकथन के लिए किसी ग्रन्थ या किताब पर भरोसा नहीं किया जा सकता | जो ज्ञान लोगों के जीवन और उनकी कुंडली देखने से मिलता है उसे आप किसी किताब में लिखा नहीं पाएंगे | तात्पर्य यह है कि ज्योतिष के हर प्रश्न के लिए निरंतर अनुसंधान करके ही भविष्य को जाना जा सकता है |

अच्छे ज्योतिषाचार्य न केवल आपको आपका भविष्य बता सकते हैं अपितु आपके जीवन में आने वाली कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने का रास्ता भी दिखा सकते हैं | क्या लाभ यदि आपको आने वाली मुसीबत का पता चल जाये और उसका हल मालूम न हो |

रत्न उपरत्न से लेकर लाल किताब और ज्योतिष सामग्री से लेकर वास्तु, मैंने सब कुछ आजमाया परन्तु जितना प्रभाव मन्त्रों का हुआ है उतना किसी उपाय से नहीं हुआ | वह बात अलग है कि मन्त्र हर किसी के लिए नहीं हैं और हर कोई मन्त्र प्रयोग करने के लिए समय निकाल भी नहीं सकता | कुछ लोग कहते हैं कि जो होना है वो तो होना ही है फिर उपाय करने से क्या लाभ | रावण से युद्ध से पूर्व भगवान् श्रीराम ने आदित्य ह्रदय स्त्रोत द्वारा सूर्य की पूजा की थी | इसी तरह भगवान् श्री कृष्ण ने भी अर्जुन को युद्ध से पूर्व शक्ति की उपासना करने का निर्देश दिया था | प्रकृति को अपनी इच्छा के अनुरूप कार्य करने के लिए मजबूर कर देने वाली शक्ति मन्त्र विज्ञान है |

तांत्रिक वस्तुए भी उपाय के रूप में प्रयुक्त होती हैं | आजकल तांत्रिक वस्तुओं का प्रचलन काफी बढ़ गया है | तंत्र में इन वस्तुओं की आवश्यकता सबको पड़ती है | इनमे से कुछ तो सहज ही मिल जाती हैं जैसे पारद शिवलिंग, स्फटिक गणेश, एक से लेकर १४ मुखी रुद्राक्ष आदि | इन्हें तो कभी भी कीमत देकर प्राप्त किया जा सकता है परन्तु कुछ वस्तुएं ऐसी भी हैं जिन्हें किसी विशेष कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है | सियार सिंगी, हत्था जोड़ी, दक्षिणावर्ती शंख, श्वेतार्क गणेश, एकांक्षी नारियल आदि यह सब नाम आपने सुने होंगे परन्तु देखने में बहुत कम मिलती हैं | तात्पर्य यह है कि हर समस्या का निदान संभव है और कदाचित ईश्वर ने निदान के लिए ही इन चीजों की रचना की है |

जय श्री राम